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‘अगर बुलडोजर चलेगा तो…’, देवरिया में प्रेमचंद के घर पहुंचे अखिलेश यादव बोले- परिवार में किसी के जाने का दुख जानता हूं

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज यूपी के देवरिया पहुंचे. यहां उन्होंने फतेहपुर गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. सबसे पहले अखिलेश यादव मृतक सत्य प्रकाश दुबे के घर गए लेकिन वहां उन्हें कोई नहीं मिला. इसके बाद वो मृतक प्रेमचंद यादव के आवास पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान प्रेमचंद की पत्नी और बेटियां मौजूद रहीं. इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव मीडिया से मुखातिब हुए और सरकार पर तीखा हमला बोला. 

देवरिया हत्याकांड पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मैं मानता हूं डीएम ने जो बात कही कि रिटेलिएशन में घटना हुई. प्रेमचंद यादव की जान नहीं जाती तो किसी की जान नहीं जाती. दोनों तरफ से जान गई है. ये नहीं होना चाहिए था. आखिरकार, सरकार क्यों इस बात को छुपाना चाहती है कि प्रेमचंद यादव को बुलाकर के मारा गया. आखिर उसे किसने मारा? 

देवरिया में मृतकों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने आगे कहा कि मैं परिवार में किसी का जाने का दुख जानता हूं. आज हम यहां आए हैं. कल जब उन्हें (पीड़ित) परिजनों की याद आएगी तब उन बच्चों पर क्या बीतेगी? कौन सुध लेगा उनकी. जब अधिकारियों को निलंबित करना पड़ा है तो कहीं न कहीं सरकार ये बात स्वीकर कर रही है कि इस कांड में उनकी नाकामी रही है. 

बुलडोजर एक्शन पर क्या बोले अखिलेश? 

प्रेमचंद यादव के मकान पर बुलडोजर एक्शन के सवाल पर अखिलेश बोले- अरे, क्या बुलडोजर चलेगा. अगर बुलडोजर चलेगा तो ये जनता रोक देगी उसे. बुलडोजर न्याय देने लगा तो अगली सरकार भी यही करेगी. सीएम योगी दूसरों का दुख अपना दुख समझें. 

वहीं, प्रेमचंद यादव के घर पर पुलिस के पहरे पर अखिलेश ने कहा कि सुरक्षा का मतलब ये थोड़ी है कि घर को परिवार को कैद कर दो. ये परिवार अगर पढ़ेगा, लिखेगा, जो सहायता चाहेगा मैं करूंगा. मैं पूरी मदद के लिए तैयार हूं. घटना से राजनीतिक लाभ नहीं लेना चाहिए. 

देवेश दुबे के ना मिलने पर क्या बोले अखिलेश?

देवरिया कांड में मारे गए सत्य प्रकाश दुबे के बेटे देवेश के नहीं मिलने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा- वो परिवार नहीं मिलना चाहता वो उसकी भावना है. हो सकता है उसके बेटे की भावना ना भी हो. कुछ नेता है जो उसको समझा रहे होंगे कि मत मिलना तुम. उनको नीचा दिखा दो अपमानित कर दो तुम. हम तो दुख में शामिल होने आए हैं.

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