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‘गाजा में कोई भी एक्शन कर सकता है बैकफायर…’, हमास से युद्ध के बीच ओबामा ने इजरायल को चेताया

हमास से युद्ध के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इजरायल को चेतावनी दी है. ओबामा ने कहा कि गाजा में इजरायल की कुछ कार्रवाइयां जैसे, खाने-पानी में कटौती कई पीढ़ियों तक फिलिस्तीनियों के रवैये को सख्त कर सकती है. इतना ही नहीं ये इजरायल के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन को कमजोर कर सकती है. 

पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, ”कोई भी इजरायली की वे सैन्य रणनीति जो युद्ध की मानवीय लागतों को नजरअंदाज करती हैं, उनका उल्टा असर हो सकता है. इजरायली सरकार गाजा में लोगों के लिए भोजन, पानी और बिजली काटने के इजरायली सरकार के फैसले से न केवल बढ़ते मानवीय संकट का खतरा है, बल्कि यह पीढ़ियों के लिए फिलिस्तीनी रवैये को और अधिक कठोर कर सकता है, इजरायल के लिए वैश्विक समर्थन को खत्म कर सकता है, इजरायल के दुश्मन इसका इस्तेमाल कर सकते हैं और क्षेत्र में शांति और स्थिरता हासिल करने के दीर्घकालिक प्रयासों को कमजोर कर सकता है.”

ओबामा ने हमास के हमले की निंदा की

7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला किया था. इन हमलों में 1400 लोगों की मौत हुई थी. हमास के हमलों के जवाब में इजरायल की गाजा पट्टी में बमबारी जारी है. इजरायल गाजा में हमास के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर रहा है. इन हमलों में अब तक 5000 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है. ओबामा ने हमास के हमले की निंदा की और ऐसे युद्धों में नागरिकों को होने वाले खतरों के बारे में चेताया. उन्होंने इजरायल को अपनी रक्षा के अधिकार का समर्थन किया. 
 
ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति रहते हुए गाजा में हमास के खिलाफ संघर्ष में इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते रहे हैं. हालांकि, उन्होंने एयरस्ट्राइक में मरने वालों की संख्या को बढ़ते हुए देखकर इजरायल से संयम बरतने की अपील की. 

गाजा, 45 किमी लंबा जमीन का हिस्सा है. यहां करीब 23 लाख लोग रहते हैं. यहां 2007 से ईरान समर्थित हमास राजनीतिक रूप से भी शासन कर रहा है. लेकिन हमास के हमलों के बाद इजरायल ने गाजा पट्टी में नाकाबंदी कर दी.  
 
ओबामा के राष्ट्रपति रहते वक्त अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश की थी. लेकिन यह कोशिश असफल रही थी. वहीं, जो बाइडेन ने 2021 में राष्ट्रपति बनने के बाद से लंबे समय से रुकी हुई इस बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिश नहीं की. बाइडेन प्रशासन का दावा है कि दोनों पक्ष अड़ियल रुख पर कायम हैं. 
 
जब ओबामा राष्ट्रपति थे, तब ओबामा और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तनावपूर्ण संबंध थे. दरअसल, ओबामा प्रशासन ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत कर रहा था. तब उप राष्ट्रपति रहते हुए बाइडेन ने अक्सर दोनों के बीच मध्यस्थ के रूप में काम किया. 

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