जंग खत्म होने के बाद गाजावासियों के साथ कैसा बर्ताव करेगा इजरायल, क्या है उसका इरादा?

0
39

7 अक्टूबर को फिलिस्तीनी आतंकी गुट हमास ने इजरायल के लोगों पर हमला किया, जिसमें लगभग डेढ़ हजार मौतें हुईं. इसके बाद से हमास और इजरायल के बीच जंग चल रही है. इसके बीच गाजा पट्टी का नाम भी बार-बार आ रहा है. ये वो जगह है, जहां हमास का हेडक्वार्टर है. हमास आतंकी कथित तौर पर इन्हीं फिलिस्तीनियों में से हैं, जो आगे चलकर चरमपंथी हो गए. 

फिलहाल क्या स्थिति है?

हवाई हमलों के बाद इजरायल अब जमीनी हमले भी कर रहा है. वो आतंकियों के कई ठिकानों और लीडरों को खत्म भी कर चुका, लेकिन गाजा की घनी आबादी इसमें आड़े आ रही है. यहां आतंकी आम लोगों के बीच ही बसे हुए हैं. ऐसे में हमला करना मुश्किल है. आतंकी आम नागरिकों को ह्यूमन शील्ड बना सकते हैं, जैसा कि अभी भी दिख रहा है, आम लोग भी मारे जा रहे हैं. इसी बीच ये सवाल आ रहा है कि अगर इजरायल जंग जीत जाए तो वो गाजावासियों के साथ क्या कर सकता है. 

ताजा बयान क्या कहते हैं?

पीएम नेतन्याहू ने हाल में बयान दिया कि लड़ाई थमने के बाद गाजा की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी हमेशा के लिए इजरायल की होगी. देश के डिफेंस मिनिस्टर ने भी ऐसा ही इशारा किया. इससे ये तो साफ है कि इजरायल अब गाजा पट्टी पर अपना एडमिनिस्ट्रेशन रखना चाहता है ताकि आगे कोई आतंकी गुट न पनप सके. यानी करीब 41 किलोमीटर के इलाके पर इजरायली कंट्रोल होगा. 

क्या कहता है इतिहास?

ये एक तरह से अच्छा भी हो सकता है. साल 1967 में इजरायल ने इजिप्ट से लड़कर गाजा पर कब्जा कर लिया. तब से अगले करीब 30 सालों तक उसने इस पट्टी में कई सैटलमेंट्स बनाए. इजिप्ट और उससे पहले ऑटोमन एंपायर के अधीन रह चुके गाजा के लोगों को इजरायल के भीतर काम करने का हक मिला. इस दौरान गाजा में कथित तौर पर काफी विकास हुआ. हालांकि गाजा पट्टी के लोगों और यहूदियों के बीच दूरियां कम नहीं हो सकीं. 

इसी दौर में हमास बना, जिसे पहले तो इजरायल का सपोर्ट मिला, ताकि वो दोनों के बीच दूरियां पाट सके, लेकिन फिर हालात बदलते चले गए. अब हमास इजरायल के लोगों को बंधक बनाए हुए है, और इजरायल हमास को पूरी तरह से खत्म करने का इरादा किए है. इनकी लड़ाई का असर गाजा के तटस्थ लोगों पर भी हो रहा है. 

how will israel treat palestinians gaza strip after war ends photo AP

इजरायल के भीतर बसे फिलिस्तीनी किस हाल में 

इजरायल युद्ध बंद होने के बाद गाजा पट्टी वालों से कैसा बर्ताव कर सकता है, इसका एक अंदाजा खुद इजरायल के भीतर झांकने से भी मिल सकता है. इस देश के भीतर भी फिलिस्तीनी लोग रहते हैं, जो कुल आबादी का करीब 20 प्रतिशत हैं. ये काफी बड़ी संख्या है. 

इजरायल के अलग देश बनने के अगले 20 सालों तक उसके भीतर जितने भी फिलिस्तीनी या अरब लोग रहे, उन्हें मिलिट्री रूल में रहना पड़ा. ये वेस्ट बैंक की तरह ही था. हालांकि 60 का दशक खत्म होते-होते स्थितियां बदलीं. इजरायल के भीतर रहने वाले फिलिस्तीनी बाकियों के बीच घुल-मिल गए. वे अपने त्योहार मनाने लगे. प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने लगे.

how will israel treat palestinians gaza strip after war ends photo Reuters

नहीं है पूरी बराबरी

बराबरी के दावों के बाद भी कई चीजें अलग हैं. मसलन, लॉ ऑफ रिटर्न एक कानून है, जिसके तहत दुनिया का कोई भी यहूदी इजरायल आकर बस सकता है, लेकिन फिलिस्तीनियों के पास ये छूट नहीं. एडमिशन कमेटी लॉ 2011 इजरायल के यहूदियों और फिलिस्तीनियों की प्रॉपर्टी में फर्क लाता है. कथित तौर पर नेतन्याहू के कार्यकाल में कई नए नियम बनाने की बात हो रही है जिससे यहूदियों के बीच बसे हुए फिलिस्तीनियों को अलग रखा जा सके, या उनकी निगरानी की जा सके. 

क्या गाजा स्ट्रिप खाली करा दी जाएगी?

ये भी हो सकता है कि इजरायल गाजा पट्टी को पूरी तरह से खाली करा दे. कुछ समय पहले इजरायल मिनिस्ट्री ऑफ इंटेलिजेंस ने गाजा के 2.2 मिलियन लोगों को वहां से स्थाई तौर पर हटाने के लिए कथित तौर पर एक प्रस्ताव तैयार किया. ये प्रपोजल लीक हो गया. 10 पेज के इस दस्तावेज में कहा गया कि गाजा पट्टी के लोगों को सिनाई प्रायद्वीप में शिफ्ट कर दिया जाए. ये मिस्र, इजरायल और गाजा से सटा हुआ बफर जोन है.

#जग #खतम #हन #क #बद #गजवसय #क #सथ #कस #बरतव #करग #इजरयल #कय #ह #उसक #इरद