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यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ने पर रूसी कैदी को मिली आजादी, गर्लफ्रेंड को 111 बार चाकू मारने पर हुई थी उम्रकैद

रूस में हत्या के दोषी एक व्यक्ति को युक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने के बाद माफ कर दिया गया. उसे अपनी प्रेमिका को 111 बार चाकू मारने और उसकी हत्या करने का दोषी ठहराया गया था. व्लादिस्लाव कान्युस (27) नाम के इस व्यक्ति को रूस ने अपनी ‘कन्विक्ट रिक्रूटमेंट’ पॉलिसी के तहत यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए भर्ती किया था. 

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक व्लादिस्लाव कान्युस को अपनी 23 वर्षीय महिला मित्र वेरा पेक्टेलेवा का बलात्कार और उसकी हत्या करने के जुर्म में पिछले साल अदालत ने 17 साल कारावास की सजा सुनाई थी. लेकिन उसने एक साल से भी कम की सजा काटी और अब वह बरी हो गया है. वेरा ने कान्युस से ब्रेकअप कर लिया था, जिससे वह बौरा गया और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी.

व्लादिस्लाव कान्युस ने वेरा पेक्टेलेवा को 3 घंटे तक टॉर्चर किया था, उसके साथ रेप किया ​और फिर धारदार हथियार से उस पर 111 बार हमला किया. इसके बाद उसने लोहे की केबल से वेरा का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी. वेरा की मां ओक्साना ने कहा कि यह उनके लिए झटका है कि उनकी बेटी के हत्यारे को जेल से बाहर आने की अनुमति दे दी गई.

युवती की मां बोली- कान्युस से मेरी जान को भी खतरा

उन्होंने द सन से कहा, ‘मैं जीवित नहीं हूं, सिर्फ मेरा अस्तित्व दिख रहा है. इसने (बेटी के हत्यारे की रिहाई) मुझे खत्म कर दिया, पूरी तरह से खत्म कर दिया. मैं एक बहुत मजबूत महिला हूं. लेकिन हमारे देश की यह अराजकता ने मुझे गहरा आघात पहुंचाया है. मुझे नहीं पता कि आगे करने के लिए क्या बचा है. एक क्रूर हत्यारे को हथियार कैसे दिया जा सकता है? उसे रूस की रक्षा के लिए युद्ध के मोर्चे पर क्यों भेजा गया? वह कोई इंसान नहीं, शैतान है. वह (हत्यारा) किसी भी क्षण बदला लेने के लिए हममें से किसी को भी मार सकता है. मेरी जान को भी उससे खतरा है.’

क्रेमलिन ने राष्ट्रपति पुतिन के इस फैसले का किया बचाव

महिला अधिकार कार्यकर्ता एलोना पोपोवा ने कहा कि जेल अधिकारियों ने व्लादिस्लाव कान्युस की रिहाई और यूक्रेन की सीमा से लगे दक्षिणी रूस के रोस्तोव में उसके ट्रांसफर की पुष्टि की है. उन्होंने एक आधिकारिक पत्र दिखाया, जिसमें लिखा गया है, ‘कान्युस को माफ कर दिया गया, और 27 अप्रैल को राष्ट्रपति के आदेश से उसकी सजा समाप्त हो चुकी है.’ इस बीच, एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार क्रेमलिन के प्रवक्ताओं ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के फैसले का बचाव किया और कहा कि यूक्रेन में लड़ने के लिए भेजे गए रूसी कैदी अपने अपराधों का प्रायश्चित अपना ‘खून बहाकर’ कर रहे हैं.

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