सऊदी सरकार का बड़ा फैसला, बच्चों के साथ मक्का मस्जिद जाने के लिए बदल गया यह नियम

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सऊदी अरब में स्थित मक्का मस्जिद को इस्लाम में सबसे पवित्र स्थल माना जाता है. दुनिया भर के मुसलान यहां हज और उमराह करने के लिए आते हैं. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सऊदी सरकार समय-समय पर नियमों में बदलाव करते रहती है. हाल ही में मक्का जनरल ऑथेरिटी ने ये घोषणा की है कि बेबी स्ट्रॉलर को अब मताफ में लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

सऊदी सरकार की न्यूज एजेंसी सऊदी गैजेट के अनुसार, ग्रैंड मस्जिद और पैगंबर मस्जिद की देखभाल के लिए बनी जनरल अथॉरेटी ने बेबी स्ट्रॉलर( छोटे बच्चों को ले जाने वाली गाड़ी) को मताफ में ले जाने पर रोक लगा दी है. काबा के चारों ओर परिक्रमा क्षेत्र को मताफ कहा जाता है. 

मताफ में बेबी स्ट्रॉलर के प्रवेश पर रोक

रिपोर्ट के मुताबिक, अथॉरेटी ने घोषणा की है कि मक्का में ग्रैंड मस्जिद के भीतर बेबी स्ट्रॉलर के लिए एक निर्धारित जगह है, जहां तक उसे ले जाने की अनुमति होगी. अनुमति वाले क्षेत्र में मताफ की ऊपरी मंजिलें और मासा हैं. सफा और मारवा के बीच की जगह को मासा कहा जाता है. इन जगहों पर फहद के रास्ते बेबी स्ट्रॉलर को ले जाने की अनुमति होगी. 

वहीं, मताफ और मासा फर्श पर भीड़भाड़ होती है तो ऐसी स्थिति में बेबी स्ट्रॉलर को मस्जिद में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया जा सकता है.

सऊदी की जीडीपी में अहम योगदान

मक्का में होने वाले हज और उमराह का सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान है. साल-दर साल हज के लिए जाने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है. 2018 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हज और उमराह से सऊदी की जीडीपी को 12 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई होती है, जो सऊदी की कुल जीडीपी का करीब 7 फीसदी है. तेल के बाद हज और उमराह से सऊदी अरब को सबसे ज्यादा कमाई होती है.



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