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12th FAIL देखने के बाद योगी के मंत्री ने सुनाई उस IAS की कहानी, जिसे बदमाशों ने मारी थी 6 गोलियां

विधु विनोद चोपड़ा के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ’12वीं फेल’ सिनेमाघरों में धूम मचा रही है. विक्रांत मैसी के किरदार का काफी सराहा जा रहा है. ये फिल्म IPS मनोज कुमार शर्मा और उनकी पत्नी श्रद्धा जोशी की असली कहानी पर आधारित है. इसमें विक्रांत मैसी के साथ एक्ट्रेस मेधा शंकर ने काम किया है. 

फिल्म देखने के बाद योगी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समाज कल्याण असीम अरुण ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने एक IAS के संघर्ष की कहानी साझा की है. 

‘हमारा हीरो: रिंकू राही’ शीर्षक के साथ पोस्ट शेयर करते हुए असीम अरुण लिखते हैं, कल ’12th फेल फिल्म’ देखी, जो IPS मनोज शर्मा जी की तमाम अभावों के बावजूद कठिन परिश्रम और लगन के साथ सफल होने की कहानी है’.

‘ऐसी सफलता की कहानियां सुनकर हम सब प्रेरित होते हैं, क्योंकि इनसे हमें अपनी चुनौतियां आसान लगने लगती हैं. ऐसी ही एक कहानी है रिंकू राही की, जिनके बारे में सुखद संयोग है कि आज ही यह बड़ी खबर मिली कि उन्हें यूपी कैडर मिल गया. यह सुनकर मन गदगद हुआ और एक बार रिंकू की पूरी कहानी आंखों के सामने से दौड़ गई’.

‘साल 2008 में रिंकू राही समाज कल्याण कल्याण  अधिकारी सिलेक्ट होकर मुजफ्फरनगर में नियुक्त हुए. वहां उन्होंने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की, जिसका परिणाम यह हुआ कि वहां के माफिया ने उन पर हमला किया. इसमें 5 गोलियां उनके पेट में और एक सिर में लगीं. शूटर रिंकू को मरा जानकर छोड़ गए’.

‘इसको ईश्वर का अशीर्वाद कहें या रिंकू की दृढ़ इच्छा शक्ति कि इसके बाद भी वे बच गए. अस्पताल में लंबी लड़ाई लड़ी. तमाम तरह की सर्जरी हुईं. लगभग 2 साल के इलाज के बाद काफी हद तक स्वस्थ हो गए. रिंकू अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ते रहे’.

‘मार्च 2022 में जब मुझे समाज कल्याण मंत्री का प्रभार मिला तो रिंकू से फोन पर बात हुई, फिर मुलाकात हुई. रिंकू हापुड़ स्थित राजकीय अनुसूचित जाति IAS-PCS कोचिंग का नेतृत्व व संचालन कर रहे थे. हर साल अच्छी संख्या में बच्चों का चयन हो रहा था, क्योंकि रिंकू के कुछ अटेम्प्ट अभी बचे थे. 

‘मैंने जोर दिया कि आप परीक्षा पुन: देने के बारे में सोचें. बहुत सारा उनका अपना मोटिवेशन और मेरा छोटा सा धक्का और रिंकू ने एक और अटेम्प्ट दिया. जिसमें इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन कोई सर्विस नहीं अलॉट हुई क्योंकि नंबर कुछ कम रह गए. उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा तैयारी की’.

‘परिणाम यह रहा कि 2023 के रिजल्ट में यूपी सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कोचिंगों के 24 कैंडिडेट सिलेक्ट हुए और उनके गुरु रिंकू राही भी! रिंकू के जीवन का सस्पेंस अभी जारी था. सबसे पहली सूची में इनको इंडियन रेवेन्यू सर्विस (कस्टम्स) मिली. किन्तु कुछ ऐसी संभावनाएं थीं कि सर्विस चेंज हो जाए’.

‘कई महीने सस्पेंस रहा और उसके बाद खुशी और बढ़ गई जब रिंकू को IAS आवंटित हुई. उसकी खुशी में एक लहर और आनी बची थी कि कल जब कैडर अलॉटमेंट हुआ तो रिंकू को यूपी कैडर भी मिल गया. निश्चित रूप से ये स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं है. जो लोग सरकारी सेवाओं के लिए परीक्षा दे रहे हैं या सरकारी सेवा कर रहे हैं या कहीं भी हैं’.

‘शायद इससे ज्यादा मोटिवेशनल कोई और स्टोरी नहीं हो सकती. मुझे लगा कि आज मैं रिंकू सिंह व उनके परिवार को इस अवसर पर हृदय से बधाई दूं और आप के सामने एक प्रेरणादायक स्टोरी रखूं… हमारे हीरो: रिंकू राही की’.

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